- When Childhood Dreams Meet the Global Stage: Manushi Chhillar’s Commonwealth Games Story
- In the summer of '99, two teams carried the hopes of a nation: sourav ganguly and anil kumble salute the golden arrows
- Home is where every unfinished story finds its ending , Main Vaapas Aaunga arrives on Netflix on August 7
- 05 reasons Tumbadchi Manjula should be on your weekend watchlist
- वाईआरएफ की पहली हॉरर फिल्म के लीड बने वरुण धवन
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एचसीएल फ़ाउंडेशन ने देश के युवाओं की क्षमता का जश्न मनाते हुए वर्चुअल तरीके से ‘युवा मेला-2022’ का आयोजन किया
स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, और इसी के उपलक्ष्य में एचसीएल टेक्नोलॉजीज की सीएसआर शाखा, एचसीएल फ़ाउंडेशन की ओर से एक वर्चुअल कार्यक्रम – ‘युवा मेला 2022’ का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद भारत के एक महान दार्शनिक थे, जिन्हें देश में बड़े पैमाने पर बदलाव लाने में युवाओं की क्षमता पर अटूट विश्वास था। राष्ट्र निर्माण के एजेंडे के संदर्भ में युवाओं की क्षमता, उनकी स्फूर्ति, खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने की काबिलियत तथा उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए इस उत्सव का आयोजन किया गया।
इस वर्चुअल कार्यक्रम में लगभग 1,000 होनहार युवा एकजुट हुए, जो देश के विभिन्न स्थानों पर एचसीएल फ़ाउंडेशन के फ्लैगशिप कार्यक्रम, ‘एचसीएल उदय’ की सहायता से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों में संलग्न हैं। इसमें शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सुशिक्षित युवाओं के अलावा, ‘युवाकेंद्रों’ (कौशल विकास केंद्रों) में विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण पाने वाले युवा, छोटे स्तर के युवा उद्यमी तथा HCLF के सहयोग से संचालित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाएँ शामिल हैं। उद्योग जगत के कई विशेषज्ञों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और उन्होंने युवाओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर सत्रों का आयोजन किया।
इस बैठक में श्रीमती रोशनी नादर मल्होत्रा, सीईओ, एचसीएल कॉर्पोरेशन, अध्यक्षा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और सीएसआर बोर्ड समिति की अध्यक्षा, ने भी भाग लिया, और उन्होंने देश के युवाओं का हौसला बढ़ाया। श्रीमती निधि पुंधीर, निदेशक, एचसीएल फ़ाउंडेशन ने भी युवाओं तथा कार्यक्रम में उपस्थित भागीदारों को संबोधित करते हुए उन सभी के योगदान एवं उपलब्धियों की भरपूर सराहना की।
इस कार्यक्रम के दौरान, लाभार्थियों ने प्रत्येक उप-विषय के प्रतिनिधियों के साथ पैनल चर्चाओं में भाग लिया, तथा अपने युवा साथियों को सक्रिय मार्गदर्शन प्रदान किया ताकि वे राष्ट्रीय विकास में योगदान देते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें। कार्यक्रम का उद्देश्य, युवाओं के समूह को सीखने एवं आगे बढ़ने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना था, जहां उन्हें विभिन्न उद्योगों और अलग-अलग क्षेत्रों के सफल लोगों से मिलने का अवसर प्राप्त हो सके तथा वे उनकी कहानियों से प्रेरणा ले सकें।
इस कार्यक्रम में युवाओं के विकास के लिए उद्योग जगत के विशेषज्ञों द्वारा कई सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में भविष्य के कामकाजी युवाओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें डॉ. अनाघा लावलेकर, निदेशक एवं एसोसिएट प्रोफेसर, ज्ञान प्रबोधिनी इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजी, डॉ. अरविंद बी.ए., एडिशनल प्रोफेसर, सेंटर फॉर पब्लिक हेल्थ, NIMHANS, श्री तुषार मलिक, सीईओ – आईवायर ग्लोबल (IoT), और श्रीमती पायल रंधावा, संस्थापक / निदेशक – बीवर्क्स कम्युनिकेशन एंड एडवाइजरी सर्विसेज के साथ-साथ अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में, ‘एचसीएल उदय’ देश के युवाओं के आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में काम करता है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण जैसे एक बड़े एजेंडे में अपना सार्थक योगदान दे सकें। युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने के अलावा, उनके संचार कौशल, व्यावसायिक कौशल और जीवन कौशल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान देते हुए इस लक्ष्य को हासिल करना संभव है। ‘एचसीएल उदय’ सरकार द्वारा युवाओं के लिए संचालित सामाजिक अधिकार योजनाओं से जुड़ाव के अलावा, युवाओं के डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, और जीवन कौशल के साथ-साथ उनके समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
कौशल विकास एवं आजीविका कार्यक्षेत्र के तहत पांच उप-विषय शामिल हैं – युवाकेंद्र (कौशल विकास केंद्र), महिला सशक्तिकरण, समाज में उद्यम की भावना को प्रोत्साहन, करियर संबंधी सलाह तथा सरकारी संस्थानों को सशक्त बनाना। एचसीएल उदय के इस कार्यक्षेत्र के अंतर्गत, एचसीएल फ़ाउंडेशन ने 54 बेहद कुशल गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के साथ साझेदारी की है, जिन्होंने इन कार्यक्रमों को अमल में लाने तथा सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग दिया है।
एचसीएल फ़ाउंडेशन को उम्मीद है कि, इस तरह की बैठकों के माध्यम से युवा साथियों के एक समूह को विकसित करना संभव होगा, जो बहुत अधिक मांग वाले क्षेत्रों में बेहद कुशल होंगे तथा देश की आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के लिए पूरी तरह उपयुक्त होंगे।


